दिल्ली कूच के लिए तैयार किसान: शंभू बॉर्डर पर ‘मरजीवड़ा जत्था’ आज होगा रवाना

Rajiv Kumar

दिल्ली कूच के लिए तैयार किसान: शंभू बॉर्डर पर ‘मरजीवड़ा जत्था’ आज होगा रवाना

किसानों के आंदोलन में आज एक महत्वपूर्ण दिन है, जब ‘मरजीवड़ा जत्था’ दिल्ली कूच के लिए शंभू बॉर्डर से रवाना होगा। संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा के नेतृत्व में यह जत्था न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी, कर्ज माफी, और अन्य 12 मांगों के समर्थन में शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठाने के लिए तैयार है।

‘मरजीवड़ा जत्था’ का मकसद और संकल्प

किसान मजदूर मोर्चा के नेता सरवन सिंह पंधेर ने बताया कि पहले जत्थे में 101 किसान शामिल होंगे, जिन्हें ‘मरजीवड़ा जत्था’ नाम दिया गया है। ये किसान हर परिस्थिति में आंदोलन को आगे बढ़ाएंगे और जरूरत पड़ने पर बलिदान देने के लिए भी तैयार रहेंगे। जत्था आज दोपहर 1 बजे शंभू बॉर्डर से दिल्ली के लिए रवाना होगा।


शंभू बॉर्डर पर किसानों की भारी भीड़

शंभू बॉर्डर पर हजारों किसानों का जमावड़ा लगा हुआ है। किसान शांतिपूर्ण प्रदर्शन की तैयारी कर रहे हैं। हरदोझंडे ने बताया कि पहले जत्थे के किसान आंसू गैस से बचने के लिए गीले रुमाल लेकर जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली कूच का उद्देश्य शांतिपूर्ण प्रदर्शन के जरिए किसानों की समस्याओं को सरकार तक पहुंचाना है।

सरकार पर विपक्ष का हमला

किसानों के विरोध प्रदर्शन पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी आ रही हैं। कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि सरकार को किसानों की मांगों को गंभीरता से लेना चाहिए। वहीं, समाजवादी पार्टी के सांसद रामगोपाल यादव ने कहा कि सरकार को किसानों के साथ बातचीत करनी चाहिए और उनकी समस्याओं का समाधान करना चाहिए।

किसानों के खिलाफ सुरक्षा बढ़ाई गई

हरियाणा के अंबाला में पुलिस ने किसानों को रोकने के लिए सुरक्षा कड़ी कर दी है। अंबाला के डीसी ने धारा-163 (पूर्व में धारा-144) लागू कर दी है, जिससे किसानों का मार्च बाधित हो सकता है। किसान नेताओं ने सरकार के इस कदम की आलोचना करते हुए इसे तानाशाही बताया है।

9 दिसंबर को भूख हड़ताल की योजना

किसान नेता सुखजीत सिंह हरदोझंडे ने घोषणा की है कि 9 दिसंबर को कर्नाटक और तेलंगाना में 100-100 किसान भूख हड़ताल पर बैठेंगे। इसी दिन किसान आंदोलन के 300 दिन पूरे होंगे। पंजाब को छोड़कर अन्य राज्यों में किसान सांसदों के घरों के बाहर 12 घंटे की भूख हड़ताल करेंगे।


सरकार के रवैये पर सवाल

किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि आंदोलन के दौरान पुलिस ड्रोन का उपयोग कर रही है, और अंबाला में अंतरराष्ट्रीय सीमा जैसी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। उन्होंने इसे किसानों की आवाज दबाने का प्रयास बताया।


किसानों की प्रमुख मांगें

  • न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर फसल खरीद की कानूनी गारंटी।
  • किसानों और मजदूरों की कर्ज माफी।
  • अन्य 12 बिंदुओं पर ठोस कार्रवाई।

 

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